बारिश और हल्की हवाओं के बीच शहर में दौड़ती गाड़ियों में शहर के बड़े बिजनेसमैन की गाड़ी रोड पर बहुत तेज बहुत तेज स्पीड में सड़क पर दौड़ रही थी अचानक उसकी कार से किसी का एक्सीडेंट हो जाता है कार से बाहर आने पर उसे अंदाजा हो जाता है कि शायद यह सिर्फ एक एक्सीडेंट नही नहीं था एक ब बहुत ही निर्दय तरीके से की गई हत्या थी पर उसके पास जाने पर जीत उसके अतीत से जुड़ा कुछ मिल जाता है जिसे वह काफी परेशान हो जाता है तू क्या जीत को उसे आदमी को पता चल पाएगा और
कैसे उसकी इतनी खास चीज उसे आदमी के पास थी?
EP 22 – मीरा का अतीत
अगली सुबह जीत की आँख हास्पिटल मे खुली तब उसके पास मीरा को छोड़कर उसके परिवार के सभी लोग थे
पर जीत ने सबसे पहले मीरा के बारे में पूछा क्योंकि पिछली रात जब उसका एक्सीडेंट हुआ था तब उसके साथ सिर्फ मीरा ही थी पर उसके परिवार के लोगों ने उसे बताया कि वह अपनी चोटों का इलाज कराने डॉक्टर के पास गई हुई है वापस आकर जीत और मीरा कुछ बातें की और फिर मीरा कमरे से बाहर चली गई और दोनो अपने कमरे मे आराम कर रहे थे उसके परिवार से मीरा को कोई मिलने नही आया ये बात दादू को बहुत लगी तो उससे मिलने चले गये और उससे इस बारे मे पुछ लिया पर उसकी बात सुनकर दादु को बहुत बुरा लगा फिर दादु ने मीरा की दोस्त को फोन कर दिया और उसे आराम करने का बोल कर वहा से चले गये फिर बाकी सभी लोग जीत और मीरा को लेकर घर आ गये ताकी वो जीत की देखभाल और अच्छे से कर पाए
तो आखिर कौन है मीरा की दोस्त और क्या वो मीरा से मिलने जीत के घर आएगी ?
All Episodes
जीत की कार से उस आदमी के एक्सीडेंट के पास पुलिस ने उसे जब पूछताछ शुरू की और बॉडी की जांच की तो उसके पास से मिले उन्हें एक कागज जिस पर कुछ ऐसा लिखा था जो इस कहानी में बहुत अहम किरदार निभाता है क्या पुलिस वाले इस आदमी की पहचान कर पाएंगे ? जीत के बाद मिलती है कुछ ऐसी चीजें उसके पास्ट से जुड़ी होती है और फिर वह चीज उसके घर में इतनी सिक्योरिटी होने के बाद भी वह चीज उसके घर से उसके कमरे से गायब हो जाती है जीत का बदला हुआ व्यवहार उसके घर में सभी को बहुत चकित कर देता है |
जीत के बदलते हुए व्यवहार को देखकर घर में सब आश्चर्यचकित तो थे और उससे पूछना किसी को आसान नहीं लग रहा था इतने बड़े बिजनेसमैन के घर से कोई चीज इतनी आसानी से गायब हो जाना
वह भी इतनी सिक्योरिटी के बाद तो ये बहुत अजीब सा था इस बात में जीत को बहुत परेशान था कर दिया था उसके बाद जीत को मिलता है ऐसा लेटर जो उसे अंदर तक बहुत ही झकझोर कर रख देता है | यह सब उसे एक्सीडेंट केस से जुड़ा होता है तो यह सब यहीं खत्म होने वाला है या यह फिर यह बस एक शुरुआत है जाने के लिए सुनते हैं आगे की कहानी, तो आखिर किसकी और क्या चिज थी वह और क्या जीत को वह दोबारा से मिल पाएगी?
जीत को उस बॉडी के पास से मिले उस चीज के गायब हो जाने पर उसे काफी चिंता हो जाती है क्योंकि वह था बहुत खास होता है और खुद को खतरे में देखने के बाद भी वह पुलिस के पास जाने के लिए तैयार हो जाता है रास्ते में ही उसको मिलती एक अनजान लड़की जो उससे गलती से टकरा जाती है | और फिर जीत अपनी कार को अनलाॅक पाता है
तो किसने किया अनलाॅक?
जैसे जीत अपनी कार में आकर बैठता है कुछ अजीब सा महसूस होता है जिसे वह अपनी गलती समझ रहा था शायद उसकी गलती नहीं थी कार सच में अनलॉक की गई थी | फिर उसे अपनी कार में मिलती है किताब जो शायद कोई कुछ लिखकर कोई उसके पास छोड़ गया था जो एक अनजान लड़की उसके लिए किताब में लिखकर उसके कार में छोड़ जाती है और जीत उसको पढ़कर इतना बेचैन हो जाता है उस किताब में जिक्र होता है एक ऐसी लड़की का जो जीत के लिए बहुत खास होती है पर अब उसके साथ नहीं है पर यह नेकलेस जीत उसी का समझकर शायद ले आया था | तो कौन थी यह लड़की क्या यह वही लड़की से जिसने जीत के पास से उस नेकलेस को चुराया था |
अपनी कार में दोबारा वापस आने के बाद जीते वह किताब दोबारा से पड़ी और फिर उसे उसे अनजान लड़की के हाथों छोड़ा गया एक और गिफ्ट मिलता है जो उसे लड़की के बारे में होता है जिसके बारे में उसने किताब में लिख रखा था और शायद जिसका वह नेकलेस था क्या उसे गिफ्ट को देखने के बाद जीत को उसे लड़की का अंदाज अनजान लड़की के बारे में पता चल जाएगा? क्या यह वही लड़की है जिससे वह टकराया था ?
उसे यह तो समझ आ गया था कि कोई और भी है जो उसे और अश्वी दोनों को जानता है और शायद ही जानता है कि दोनों दूसरे से को जानते थे पर उसे अश्वी के दोस्तों के बारे में पता नहीं था उसे उसके बस एक ही दोस्त के बारे में पता था नहीं था पर उसे गिफ्ट को देखने के बाद धीरे-धीरे कुछ बातें समझ तो आ रही थी और फिर उसे किताब में लिखो मुताबिक वह चीज करता रहा पर अभी बहुत सारी उलझने है जो सुलझानी बाकी थी कौन था वह जो इन दोनों को जानता था? और क्या जीत उसे अनजान लड़की को खोज पाएगा?
जीत आश्वी के बारे में सोचते सोचते सो तो चुका था पर अगली सुबह देर तक सोने की वजह से जब मनोहर काका ने उसे जगाया और उसे बताया कि कुछ पुलिस वाले नीचे घर में उससे मिलने आए हुए हैं यह सब सुनकर जब वह नीचे उतरा तो उसे पता चला कि जिस आदमी को उसकी कार से एक्सीडेंट हुआ था उसके साथ ही उसके जैसे ही किसी और आदमी का मर्डर शहर में हो चुका है यह सब सुनकर जीत परेशान तो था पर वह अपनी परेशानी को बाहर दिखाना नहीं चाहता था पर जाने अनजाने में ही उसने कुछ चीज करें जिससे पुलिस वालों को उसका बर्ताव देखकर बड़ा अजीब सा महसूस हुआ दूसरा मर्डर किसने किया और क्यों पुलिस वाले उसे सीरियल किलिंग मान रहे?
जीत के इस अजीब बर्ताव से पुलिस वालों को भी अब उसे पर शक होने लगा था और इधर जीत को यह सब सुनकर और दूसरे मर्डर की जानकारी मिलने के बाद हुई डिसाइड ही नहीं कर पा रहा था कि क्या यह पहले वाली की तरह इस लड़की के लिए किया है यह किसी और ने और फिर उसके पास उसके डैड का कॉल आता है जो अपने शहर वापस बुलाना चाहते हैं और जब वह उनकी बात नहीं सुनते तो उसके पास उसके दादाजी को कॉल आता है जिन्हें वह मन नहीं कर पाता है | तो क्या जीत ये शहर छोड़कर चला जायेगा ? और क्या वो वापस आयेगा?
जीत अपने शहर वापस तो चला गया था पर उसके मन मे अभी भी कुछ चीजों को लेकर बेचैनी सी थी वह अपने घर वापस गया अपने दादा से मिला और उनसे थोड़ी देर बात करने के बाद अपनी सारी फैमिली मेंबर से मिलने के बाद उन्होंने वापस जाने की बात करने के लिए उनके कमरे में गया पहली बार जित ने किसी और को अपने अलावा अश्वी के बारे में बताया था और दादा को यह भी बताया कि वह उसकी पसंद करता था पर वह लड़की कहीं गायब से हो गई थी पर कहां गई वो लड़की कैसे गायब हो गई और क्या जीत उसे दोबारा खोज पाएगा?
जीत ने अपने दादु से अश्वी के बारे में कुछ बातें की और फिर वह अपने कमरे में आ गया वहां उसने अश्वी की तस्वीरों को देख ही रहा था और अचानक उसके दरवाजे पर किसी की दस्तक की आवाज सुन कर जीत ने अश्वी की तस्वीर को छुपा दिया और दरवाजे की तरफ चला गया सामने उसका उसका भाई वेद खड़ा था जो अपने बड़े भाई को देखकर बहुत खुश था पर उससे नाराज भी था एक तो इस बात से कि उसने उसे बताया नहीं था आने से पहले और दूसरा जो अगले दिन ही वापस जाने वाला था पहले तो उसे ये बात समझ में नहीं आई कि आखिर क्यों जीत वापस जाना चाहता था पर फिर उसे लगा कि शायद जीत को कोई लड़की पसंद है जिसकी वजह से वह वहां से वापस जाना चाहता है वेद कोई बात सुनकर काफी खुशी हो रही थी और वह इस बात से उत्सुक भी था कि उसे यह बात अपने घर वालों को भी बता देना चाहिए पर वेद कैसे परिवार को देखकर जीत ने उसे खींच कर बैठ कर बैठे हुए उसे चुप कर दिया और उसे अपने आप से सोचा हुआ कुछ भी घर वालों को बताने से मना कर दिया और उसे अपनी बहन मिशा के बारे में पूछने लगा पर वेद को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि मिशा है कहां तभी कमरे में उसकी छोटी मां जाती हैं जो उसे बताती हैं की मिशा जयपुर गई हुई थी उसके कॉलेज के किसी फंक्शन की तरफ से पर अब फंक्शन कैंसिल हो चुका है तो वह वापस आ रही है अपनी मां के मुंह से जयपुर का नाम सुनते ही जीत परेशान हो गया और खासतौर पर यह कि उसकी बहन जयपुर में थी और आखिर क्या हुआ था जिसकी वजह से वह वापस आ रही थी जीत ने उससे पूछा जितने वेद की तरफ गुस्से में देखा और उसे इस बात के लिए डांटे हुए कि उससे बात की खबर नहीं थी कि मिशा जयपुर गई हुई थी वह अपनी मां से उसके बारे में और पूछने लगा तो आखिर क्या हुआ था जयपुर में जिसकी वजह से मिशा वापस आ रही थी और क्यों कैंसिल हुआ था उसके कॉलेज का फंक्शन?
मिशा के जयपुर से बंगलौर आने पर वो पहले अपने बड़े भाई जीत से मिलने गई और उसे अपने साथ बाहर हाल मे ला कर अपनी नई दोस्त मीरा से उसे मिला कर बोली इसने मुझे जयपुर मे बचाया था मिशा की बात सुनकर जीत परेशान हो गया की आखिर ऐसा क्या हुआ की मिशा ये बोल रही है और फिर मिशा ने सारी बात सभी को आराम से बताया की जयपुर मे उसके कालेज के तरफ से हुआ फंक्शन कैंसिल हो गया क्योकि वहा के कालेज के मालिक कै बेटे की मौत हो गई है
मिशा इन सब चिजो मे फंस जाती क्योकि वो उसके सामने ही आकर गिर कर तड़प के मर गया फिर मीरा ने उसे बचा लिया मिशा ने जीत को ये बताया की उसे किसी ने मारा था और अगर मीरा नही होती तो इन सब का सीधा शक मिशा पर ही आता
और उसे मारा भी बहुत बुरी तरह से था मिशा के मुंह से यह सारी बात सुनकर जीत काफी परेशान था तो आखिर किसने किया था उसे इंसान का मर्डर और क्या यह मर्डर भी पहले वाले मर्डर से जुड़ा हुआ था क्या जीत को इन सब का पता चल भी पायेगा कभी
मीरा ने मिशा से ये बात की अब तुम घर हो और डरने की भी कोई बात नहीं है तो अब वहां से जाना चाहती थी उसने उसे कहा कि उसे दिल्ली के लिए निकलना है जहां उसे कुछ काम है और अब मिशा को भी किसी चीज का डर नहीं था क्योंकि वह अपने घर पर थी पर भी मीरा को वहां से जाने नहीं देना चाहता था उसका मिशा को बचाना उन सभी पर बहुत बड़ा एहसान हो गया था मेरा से जीत के डैड ने कुछ देर तक बात की उसे सारी डिटेल्स ली और उसे अपनी कंपनी में जॉब ऑफर की पर पहले मीरा इस बात से मना कर दिया पर जीत के और उसके डैड के थोड़ा मनाने पर वो जाॅब के लिए हो गई थी और इसके बाद उसने यह डिसाइड किया कि वह उसे दिन वही उनके घर पर रुकेगी और अगले दिन जीत के साथ ही दिल्ली चली जाएगी जीत भी मीरा को अपनी कंपनी में जॉब तो दे रहा था पर उसे अभी उसे पर इतना यकीन नहीं था उसे बात समझ नहीं आ रही थी कोई भी ऐसी परिस्थिती में कैसे किसी और की मदद कर सकता है और खुद इतना शांत रह सकता है कि वह अपने बारे में ना सोचे और खुद को किसी चीज में फंसा दे वह भी किसी अनजान के लिए जीत को अभी यह लग रहा था की मीरा जैसे दिख रही है शायद वह वैसी है नहीं तो क्या होगा जब मीरा जीत के साथ काम करेगी और क्या जीत इन तीनों मर्डर के बारे में और भी सारी चीज पता कर पाएगा और क्या वह अपनी बहन को इन सब चीजों से बाहर निकल पाएगा
अगले दिन सुबह मीरा मिशा से पहले उठ गई थी पर आज वह ना तो अपने कमरे में थी और नहीं उसे कमरे में अकेले थी इसलिए वह निशा को बिना डिस्टर्ब किया बाहर बैठ गई और कुछ फूलों को देखने लगी तभी जीत के डाइट जो ऑफिस जा रहे थे उन्होंने नीचे से मीरा को बालकनी में बैठे हुए देखा और जीत की मां को अंदर जाकर मीरा के पास जाने के लिए कह दिया और वह उसके पास चली गई मीरा और मिशा को बाहर आने का बोलकर वह नीचे आ गई जब मीरा मिशा के साथ नीचे आई तो वह जीत के साथ बैठकर न्यूज़ पर जयपुर में हुई घटना के बारे में सुन रही थी पुलिस उसे केस को लेकर काफी परेशान थे पर मीरा और जीत को तो उसे दिन दिल्ली के लिए भी निकलना था इसलिए नाश्ता करने के बाद जीत ने मीरा को दोपहर तक तैयार होने के लिए कह कर अपने ऑफिस के लिए चला गया और मेरा अपने सामान को पैक करने रूम में चली गई हमेशा के काफी जिद करने पर भी मीरा वहां और रुकने के लिए तैयार नहीं हुई और अपना सामान रखने के बाद वह नीचे आई तभी वहां दादू के एक दोस्त जो की आर्मी से रिटायर थे मीरा से मिले और उन्हें न जाने क्यों पर ऐसा लग रहा था जैसे वह मीरा को पहले से जानते हैं पर उनके यह बात बोलने पर मीरा काफी अजीब तरीके से व्यवहार कर रही थी यह बात तो मिशा को भी समझ नहीं आई कि आखिर मीरा ऐसा कर क्यों रही है उसने मिशा को यह कहा कि वह बार-बार पूछ रहे हैं और परेशान हो रहे हैं शायद इसलिए उसने उन्हें मना कर दिया क्या होगा दिल्ली में क्या जीत इस मर्डर के बारे में और सारी बाते जान पाएगा और क्या दादू के दोस्त को यह याद आएगी कि वह मीरा को कब और कहां मिले थे क्या जीत और उसके दादाजी के दोस्त दोनों का मीरा के बारे में सोचना सही था क्या वो जैसी दिख रही थी वैसे थी नहीं
अपने कमरे में आने के बाद मीरा ने दोबारा से अपनी सारी पैकिंग शुरू कर दी थी तभी उसके हाथ से उसके एक नाॅवेल बेड पर गिर गई जिसे उठाते हुए मिशा ने उससे सवाल किया कि क्या उसे किताबें पढ़ना बहुत पसंद है जिस पर मीरा बोली की जगह मैं खाली होती हूं तो किताबें पढ़ लेती हूं मैं सारे सामान को पैक करने के बाद वह नीचे आ गई जहां जीत और वह दिल्ली के लिए निकलने वाले थे तभी दादू के दोस्त ने मीरा की तरफ देखा और बोला कि चलो इस बार का मिलना तो जरूर याद रखेंगे पर उनके बात सुनकर जीत मीरा को देखते हुए उनसे बोला कि इस बार का मिलन मतलब आप दोनों पहले भी मिल चुके हैं क्योंकि जब वह वहां आया तो मेरा अपने कमरे में थी और उसे सुबह की सारी बातें उसे पता नहीं थी दादू के दोस्त ने भी उससे कहा कि हां शायद पहले मिला हूं पर हम दोनों को याद नहीं आ रहा इतना सुनकर जीत और मीरा अगले दिन से ऑफिस ज्वाइन करने का कह कर वहां से चली गई और वह अपने फोन पर किसी से बात कर रही थी तभी अचानक जीत उसके पास गया और मीरा ने जल्दबाजी मे अपना फोन काट दिया आखिर क्यों मीरा इतनी परेशान हो गई थी क्या वह जीत से कुछ छुपा रही थी या फिर वह सब से ही कुछ छुपा रही थी और क्या दादू अपने दोस्त की बात सुनकर मीरा के बारे में कुछ और जानने की कोशिश करेंगे
3.3
4
votes
Rating
Subscribe
Connect with
Login
I allow to create an account
When you login first time using a Social Login button, we collect your account public profile information shared by Social Login provider, based on your privacy settings. We also get your email address to automatically create an account for you in our website. Once your account is created, you'll be logged-in to this account.
DisagreeAgree
I allow to create an account
When you login first time using a Social Login button, we collect your account public profile information shared by Social Login provider, based on your privacy settings. We also get your email address to automatically create an account for you in our website. Once your account is created, you'll be logged-in to this account.
DisagreeAgree
Please login to comment
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments










